
आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हम सभी इतने ज्यादा व्यस्त है कि स्वंय के लिए भी हमारे पास समय नहीं है। सुबह से लेकर शाम तक काम के लिए भागना, ना समय पर भोजन करना, ना शारिरिक स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना हम सभी की आदत बन गई है जिसके कारण शारिरिक एवं मानसिक थकान के साथ-साथ कई तरह की बीमारियां भी शरीर में घर बना रही है। हम अपने शरीर और दिमाग को आराम देने के लिए आज क्या कुछ नहीं करने की सोचते हैं। व्यस्तता के चलते परिवार संग समय भी नहीं बिता पाते हैं। ऐसे हम अवकाश लेकर किसी शांति के स्थल पर जाने का विचार करते हैं ताकि हमारा शरीर और मन शांत हो सके। शहर के शोर-शराबों से दूर कुछ प्राकृतिक चीजों का आनंद ले सके। आज के समय में व्यस्त कार्यक्रम के साथ, हर किसी को पीछे एक कदम पीछे हटकर स्वंय के बारे में सोचने की आवश्यकता है ताकि हम खुद को जीवित कर सके। आगे बढ़ने की होड़ में हम किसी मशीन की तरह हो गए हैं जो बस चलता जाता है। इसी से छुटकारा पाने के लिए दिमाग और शरीर को आराम देने की जरुरत है। ई लोग अब छुट्टियों के लिए समुद्र तटों और भीड़-भाड़ वाले पर्यटन स्थलों के बजाय आध्यात्मिक योग और ध्यान केन्द्रों की तलाश में हैं। ताकि वह ना केवल अपने शरीर को उर्जावान बना पाएं साथ ही दिमाग को भी शांत कर, एकागृ करें। योग और ध्यान, एक साथ करने के लिए परिकल्पित किए गए हैं। योग शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। जबकि ध्यान, एक सामान्य व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाने वाली चेतना के एक उच्च रूप (ब्रह्मांडीय चेतना) के साथ उसकी आत्मा को जोड़ने में मदद करता है। पश्चिमी देशों में हजारों साल पहले योग और ध्यान लोकप्रिय हो गया था, जबकि भारत ने इन दोनों का आविष्कार और साधना की थी। भारत में आश्रमों या इनके केंन्द्रों की एक विस्तृत सारणी है, जो मन के साथ-साथ शरीर को निरोग बनाने की दिशा में कार्य करते हैं। पाँच सितारा आश्रम में आवास से लेकर मूल आवास तक की सुविधाए उपलब्ध हैं, जो हर आध्यात्मिक साधकों को ज्ञान प्रदान करने का प्रयास करते हैं। यह आश्रम ना केवल आपको रहने की एक उचित जगह उपलब्ध कराते हैं बल्कि यह आपको नई उर्जा और आत्मिय शक्ति से भी परिपूर्ण करते हैं।
भागदौड़ और व्यस्त जिंदगी का आदी मनुष्य यह भूल गया है कि खान-पान के अलावा भी शरीर की कुछ और भी जरूरतें होती हैं। जिनमें मानसिक और आत्मिक शांति को सबसे शीर्ष स्थान प्राप्त है। दुनिया में बहुत से शोध 'मानसिक थकान' जैसे गंभीर विषयों पर किए गए हैं, जिनसे यह पता चला है कि जिस इंसान का मन शांत नहीं रहता वो अपने कामों को करने में असक्षम हो जाता है। मानसिक शांति भी इंसान की सबसे बड़ी जरूरत है। हम अपने काम से अवकाश लेकर तो कई पर्यटन स्थलो पर जाने का विचार बनाते हैं और वहां जाकर वही भीड़-भाड़ और शोर-शराबा देख वापस उसी दुनिया में आ जाते हैं जहां से हमें शांति की तलाश थी। आज लगभग सभी बड़े-बड़े होटल पर्यटन स्थलों पर शहरों की तरह की चमक धमक और शोरगुल होता है जिससे मानसिक शांति मिल ही नहीं पाती। लेकिन योग और ध्यान के केंद्र भारत में कुछ ऐसे स्थल है जिन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा का अनुसरण करते हुए मनुष्य की चेतना को आत्मा से मिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। योग और ध्यान से ना केवल शरीर को आराम मिलता है बल्कि काम-काज और तनाव से थका हमारा दिमाग और मन भी एकाग्र होकर शांत होता है।
भारत में शीर्ष योग और ध्यान केंद्र
ब्लू मैंगो केंद्र, हिमालय

स्पीति घाटी में स्थित, ब्लू मैंगो आपको वो शांति और सुविधाओं को प्रदान करता है जिनकी आप तलाश कर रहे हैं। हिमालय और जंगलों के समूह के लुभावनी दृश्य के साथ, ब्लू मैंगो सिर्फ एक स्पा नहीं है बल्कि इसे बढ़कर हैं। इस स्थान पर बौद्ध संस्कृति बहुत प्रमुख है। साफ-स्वच्छ और पौष्टिक भोजन के साथ ब्लू मैंगो कई योग, ध्यान और थेरेपी सत्र प्रदान करता है जो आपके शरीर में गाँठ को सीधा कर देगें। इनके विशेष 11-दिवसीय कार्यक्रम की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई है ताकि मेहमानों को आत्म उपचार, ध्यान तकनीक, अनुभवात्मक शिक्षा और योग के विभिन्न संयोजनों के माध्यम से उपचार उपचार प्रदान किया जा सके। इस 11 दिन के सत्र में आप तनाव से किस तरह मुक्ति पा सकते हैं यह सिख जाएगें। यह ना केवल आपकी दैनिक दिनचर्या को सुधारने का काम करता है बल्कि आपको आपने होने का भी महत्व बताता है।
ओशो ध्यान रिज़ॉर्ट, पुणे

पुणे में कोरेगांव पार्क में स्थित, ओशो ध्यान रिज़ॉर्ट एक ऐसा स्थान है जो परिसर में प्रवेश करने के पल भर में आपके दिमाग और आत्मा को शांत करता है। यहां पर कोई लिंग अलगाव नहीं है और प्रत्येक उपस्थिति को अपने प्रवास के दौरान एक रंगीन वस्त्र पहनना पड़ता है। इस आश्रम की स्थापना आध्यात्मिक गुरू ओशो ने 1974 में की थी। ओशो के विचार दुनिया भर में फैले हुए हैं उन्हें वैसे तो विवादित गुरु के रुप में जाना जाता है क्योंकि उनके विचार काफी खुले हुए हैं। यहां आकर आपको ओशो के विचार के साथ तन और मन को कैसे शांत करना है यह सिखलाया जाता है। सभी को एक जैसे वस्त्र पहनाकर एक जैसा होने का एहसास दिलाया जाता है।
आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बैंगलुरु

बेंगलुरु से लगभग 36 किलोमीटर दूर पनागिरी पहाड़ियों में स्थित, द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर शांति-साधकों के बीच एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र है। यह उन विदेशी लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है जो भारत के लिए सच्चे आश्रम अनुभव की तलाश में आते हैं। यहां सुन्दर बगीचे, शांत झील, पहाड़ी ट्रेल्स और कार्बनिक खेतों के साथ जगह परिपूर्ण है। योग और ध्यान करने के लिए यह जगह एकदम उत्तम है। सभी पृष्ठभूमि और धर्मों के लोग हैं, जिन्हें आश्रम की खाना पकाने, सेवा करने, सफाई और रखरखाव जैसी स्वैच्छिक सेवा के लिए भी आमंत्रित किया जाता है। श्री रवि शंकर द्वारा 1 9 86 में स्थापित, यह आश्रम अपने तनाव मुक्त पर्यावरण और ध्यान और योग कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है। आर्ट ऑफ लिविंग प्रथम और द्वितीय में पाठ्यक्रम, वास्तु शास्त्र, युवा प्रशिक्षण और वैदिक गणित भी यहां पेश किए जाते हैं। आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना 1981 में श्री श्री रवि शंकर ने की थी। इस आश्रम को बनाने का मकसद था कि एक तनावमुक्त और हिंसा मुक्त समाज का निर्माण किया जाए। संस्था में कई तरह की गतिविधियां होती हैं। यहां लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए योगा और ध्यान के वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है। आज इनके कार्यक्रम पूरे विश्व में चर्चित हो गए हैं। समय के साथ-साथ इस आत्मिक और सामाजिक संस्थान ने मानवतावादी प्रोजेक्ट के जरिए अपना विस्तार किया है और यह कोंगो जैसे कई संगठनों का सदस्य भी है। इस संस्था में आर्ट ऑफ लिविंग और मेडिटेशन को कोर्स भी कराया जाता है। जो ना केवल आपको शांति और ध्यान का मार्ग प्रशस्त करेगा बल्कि दुनिया के बीच में रहकर कैसे खुद को शांत किया जा सकता है यह भी बताएगा।
धर्मशाला में तुषिता ध्यान केंद्र

योग विद्या आध्यात्मिक केंद्र, केरल

आयुर्वेद योग ध्यान रिज़ॉर्ट, कुन्नौर

दक्षिण भारत में नीलगिरी पर्वत पर स्थित आयुर्वेद योग ध्यान रिज़ॉर्ट भारतीय चिकित्सा (आयुर्वेद) के पारंपरिक तरीकों की खोज में उत्कृष्टता प्रदान करता है। कुन्नूर में स्थित आयुर्वेद योग ध्यान रिजॉर्ट एक पुरस्कृत विजेता और विश्वास पूर्ण आयुर्वेद और योग केंद्र है। वर्ष 1950 में स्थापित यह केंद्र सुंदर और प्राचीन नीलगिरि की पहाड़ियों पर स्थित है, जहाँ की स्वच्छ एवं ताजी हवा तथा इसके आस-पास का परिवेश काफी लुभावना है। यह एक हरी चाय बागान पर स्थित है और कार्बनिक खेतों, औषधीय पौधों और नीलगिरी के जंगलों से घिरा हुआ यह केंद्र विभिन्न अनुकूलित कार्यक्रमों की पेशकश करता है जो व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसका सुंदर वातावरण ही आपको अद्भुद शांति का अनुभव कराता है। ये विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं जैसे उच्च रक्तचाप, शराब और तनाव से संबंधित विकारों के लिए कई समग्र उपचार भी प्रदान करते हैं। केरल आयुर्वेदिक उपचार, कई बीमारियों के हरणकर्ता के रूप में उपलब्ध हैं। मेहमानों को ध्यान में रख यहां चिकित्सा, योग, स्वयंसेवी कार्य, जैविक खेती और संयुक्त शाकाहारी भोजन जैसे कई कार्यों के माध्यम से व्यस्त रखा जाता है। ताकि मनुष्य में कोई भी गलत भावना या तनाव का प्रसार ना हो सकें। व्यक्तिगत उपचार के अलावा प्रत्येक दिन यहाँ योग का अभ्यास कराया जाता है। रिजार्ट में आध्यात्मिक और मानसिक विश्राम के लिए दिन का समापन ध्यान के साथ होता है। यहां हर बीमारी से स्वंय को दूर रखने के उपायों को बता मनुष्य में शांति का संचार किया जाता है ताकि वो तनाव और गलत भावनाओं से स्वंय को दूर रख सके।
विपश्यना ध्यान केंद्र, देहरादून

श्रेयस योग रिट्रिट, बेंगलुरु

कलारी कोवालाकोम, केरल

ईशा योग केंद्र, तमिलनाडु

कोयंबटूर से लगभग 30 किलोमीटर दूर वेल्लियांगिरी पहाड़ों की तलहटी पर स्थित, ईशा योग केंद्र एक गैर-लाभकारी और गैर-धार्मिक योग केंद्र और आश्रम है। उनके तीन से सात दिन परिचय कार्यक्रम पूरी दुनिया से नियमित रूप से आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं।ईशा-फाउन्डेशन के संरक्षण तले संस्थापित है, जो वेलिंगिरि पर्वतों की तराई में 150 एकड की हरी-भरी भूमि पर स्थित है। आंतरिक विकास के लिए बनाया गया यह शक्तिशाली स्थान विश्व के हरेक कोने से लोगों को आकर्षित करता है तथा योग के चार मुख्य मार्ग - ज्ञान, कर्म, क्रिया, और मेहमान या तो अपने गहन योग कार्यक्रम को और अधिक गंभीर करने के लिए यहां आ सकते हैं या शुरुआत करने के उद्देश्य से आपना तन-मन शांत करने की कला यहां सिख सकते हें। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित है। अत्यधिक शांति से घिरी हुई यह जगह न केवल लोगों से खुद को जोड़ने में मदद करती है बल्कि आंतरिक शांति प्राप्त करने में भी मदद करती है। योग और ध्यान दोनों ही भारतीयों और विदेशियों के बीच भारत में लंबे समय से प्रसिद्ध हैं। चूंकि उनमें से अधिकतर घूमने वाले शहरों से दूर स्थित हैं, इसलिए वे एक उत्कृष्ट तनाव मुक्त वातावरण प्रदान करते हैं, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो व्यस्त कार्यक्रम में रहते हैं। यहां विभिन्न समूहों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कई आवासीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। योग केंद्र में ध्यानलिंग योग मंदिर है, जिसमें ऊर्जा का एक सशक्त और अनोखा रूप - ध्यानलिंग प्रतिष्ठित है, यह ध्यानलिंग 250,000 ईंटों के स्तंभहीन गुंबदनुमे ढाँचे के नीचे अपनी पूरी गरीमा में मौजूद है। इसके साथ-साथ इसमें तीर्थकुण्ड - एक पवित्र भूमिगत जल कुण्ड भी स्थित है। इस अनूठे ध्यान केंद्र पर हर हफ्ते हजारों लोग आंतरिक शांति और कल्याण की खोज में आते हैं। यह केंद्र उनके दिमाग और शरीर को आराम और पुनर्जीवित करने में मदद करता हैं, साथ ही साथ सामान्य पर्यटक स्थलों से ताज़ा बदलाव भी प्रदान करता हैं।
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