
रिमझिम गिरे सावन, आया सावन झूमके... जैसे ना जाने कितने ही गाने आपको बारिश की ठंडी बूंदे और नमी वाली हवाओं के साथ धरती की भिन्नी-भिन्नी खुशबू की यादे दिला देती है। मॉनसून का नाम सुनते ही आपकी नजाने कितनी ही यादें ताजा हो जाती होंगी। कागज की कश्ती, बारिश का पानी, रंग-बिरंगे छातों के साथ बारिश में निकलना एक अलग ही सुखद अनुभव देता है। बारिश लगभग सभी को पंसद होती है। बारिश का नाम लेते ही हमारा रोम-रोम खिल उठता है। खुशनुमा मौसम, रंगीन फिजाएं जैसे कितनी ही खूबसूरती हमारे सामने आ जाती है। शहर हो या गांव हर जगह बारिश को पंसद किया जाता है। चिलचिलाती गर्मी से राहत देती हुई बारिश की बूंदे किसी उम्मीद से कम नहीं होती है। भारत में तो बारिश का खास लगाव है। भारत अगर छह ऋतुओं का देश है, तो मानसून उस चक्र की धुरी है। आज भी मानसून से होने वाली वर्षा, भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार है। भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां की कृषि ही वर्षा पर निर्भर करती है। हिन्द महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आनी वाली वे विशेष हवाएँ, जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में भारी वर्षा करातीं हैं। मानसून भारतीय कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है, इसके साथ ही भारत के लोक जीवन से भी गहरे जुड़ा है। यह गर्मी की तपिश से निजात दिलाता है और लोगों में उत्साह व खुशी का संचार करता है। इसलिए तो जहां अन्य देशों में लोग बारिश के डर से छाते के साथ निकलते हैं, बारिश में भिगने से बचते हैं वहीं भारत में बारिश का जमकर मजा लिया जाता है। यदि कोई बारिश में ना भीगा हो तो वो सही मायने में भारतीय नहीं कहलाएगा। भारत में लोगों को बारिश में घर में रहना नहीं बल्कि बाहर निकलकर मौसम का आनंद लेना पसंद है।
मॉनसून के समय घूमने के प्रसिद्ध स्थल
शिलांग, मेघालय

मेघालय की राजधानी शिलांग एक बेहद खूबसूरत आकर्षक स्थल है जो उत्तर पूर्वी राज्य में है। पहाड़ियों पर बसा यह छोटा सा शहर हमेशा से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है, इसे पूरब का स्कॉटलैंड भी खा जाता है। देश के सबसे पुराने स्थानों में से एक, शिलांग में मानसून के मौसम में भारी बारिश होती है, जो भारत के अन्य शहरों की तुलना में अधिक समय तक चलती है। 'पूर्व का स्कॉटलैंड' कहा जाने वाला शिलॉंग, मानसून के दौरान यात्रा करने के लिए एक सर्वश्रेष्ठ स्थान है। यह सुंदर घाटियों, लुभावनी झरने, झीलों और विशाल प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ, शिलांग बरसात के मौसम के दौरान भारत में सबसे स्वच्छ शहर होता है। इस आकर्षण स्थल पर मानसून का अपना अलग ही मज़ा है। यूँ तो यहाँ पूरे साल मौसम सदा सुहावना रहता है लेकिन मानसून में यहाँ के मौसम में चार चाँद और लग जाते हैं। अगर आप इस मानसून यहाँ आने की सोच रहे हैं तो यह सफर आपके लिए बेहद रोमांचक होगा। मेघालय, ऐसा लगता है की मानों बादल वहीं बसते हैं। बारिश के मौसम में यह पहाड़ी शहर बेहद ख़ुशनुमा माहौल को अपने में संजोय हुए है। हर जगह हरियाली, तैरते हुए बादल, दहाड़ते हुए हाथी फॉल्स और स्प्रेड ईगल फॉल्स जैसे झरने, कलकल की आवाज़ के साथ बहती नदियां किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। शहर का स्थानीय भोजन और आनंददायक अनुभव आप की आत्मा को बेहद शांती का अनुभव कराएगा।
गोवा

गोवा वैसे तो हर मौसम मे जाने के लिए भारत की सबसे उपयुक्त जगह है जहां हमेशा सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है। हालांकि गोवा को भारत में एक शीतकालीन गंतव्य के रूप में जाना जाता है, लेकिन कई लोग नहीं जानते कि गोवा मानसून के दौरान सबसे अच्छा स्थल है। हालांकि यह सच है कि कोई भी बरसात के मौसम के दौरान सुनहरे समुद्र तटों का आनंद नहीं ले सकता है लेकिन गोवा इसके अलावा भी काफी कुछ है। इस समय ना केवल गोवा में भीड़ कम होती है बल्कि आपको रहने के लिए कई होटल भी सस्ते मिल सकत हैं। मॉनसून के समय मोल्लेम नेशनल पार्क के पास स्थित गौरवशाली दुधसागर फॉल्स, और भी खूबसूरत हो जाता है और बारिश के दौरान भी एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। गोवा के ऐतिहासिक लेनों के माध्यम से टहलने की बात करें और लंबी कतारों में इंतजार किए बिना गोवा रेस्तरां में एक स्वादिष्ट भोजन का आनंद लें सकते हैं। इसके अलावा, आप इन महीनों के दौरान रोमांचक बोंडरम फ्लैग फेस्टिवल समेत कई जीवंत मॉनसून त्यौहारों का भी आनंद ले सकते हैं। मानसून सीजन के दौरान गोवा में कई फेस्टिवल आयोजित किए जाते हैं। फर्टिलिटी फीस्ट ऑफ साओ जोआओ या सेंट जॉन बापिस्ट 24 जून को मनाया जाता है जबकि सेंट पीटर्स का फेस्टिवल जुलाई में आयोजित होता है| इसमें नदी के बीच में तैरते हुए स्टेज लगाए जाते हैं। इसके अलावा अगस्त में दीवर आईलैंड पर बोंदेरम फेस्टिवल मनाया जाता है। यह फेस्टिवल परेड और कई तरह के झंडों के साथ निकलता है। मानसून सीजन में यहां का नज़ारा पूरी तरह बदला होता है। फिजा में फैली मसालों की खुशबू आपको मदहोश कर देगी।
कुर्ग, कर्नाटक

बीहड़ घने वर्षावन, दूर तक फैली हुई हरियाली, काली मिर्च और इलायची की मीठी सुगंध, कॉफी से लदे हुए बागान और ठंडे पहाड़ी इलाकों से युक्त कूर्ग वास्तव में दक्षिण भारत का रहस्यमय गहना है। कूर्ग की कठोर निस्तब्धता इसकी रंगीन और ज्वलंत संस्कृति, शानदार प्राकृतिक सौंदर्य और मानव प्रयास से ही दूर की जा सकती है। पिछले कुछ वर्षों से अत्यधिक पर्यटकों के आगमन के बावजूद भी कूर्ग काफी हद तक प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ है। इस क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और दृष्टिकोण मनमोहक है। कूर्ग को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ कहना अनुचित नहीं होगा।
फूलों की घाटी, उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्य में फूलों की शानदार घाटी सचमुच जीवित प्रतीत होती है जैसे ही मानसून का मौसम भारत में शुरू होता है इसकी खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान सम्मिलित रूप से विश्व धरोहर स्थल घोषित हैं । फूलो की घाटी उद्यान 87।50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैला हुआ है । चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी को विश्व संगठन , यूनेस्को द्वारा सन् 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया । हिमाच्छादित पर्वतों से घिरा हुआ और फूलों की 500 से अधिक प्रजातियों से सजा हुआ है। यह लगभग 300 किस्मों के अल्पाइन फूलों का घर है, जो विदेशी से लेकर जंगली फूलों की किस्मों तक हैं। ब्लू कोरीडालिस, जंगली गुलाब, सैक्सिफ्रेज, आप इसे नाम देते हैं, इस सुरम्य घाटी में यह सब है। बर्फ से ढके पहाड़ों की पृष्ठभूमि के खिलाफ रंगीन फूलों का शानदार दृश्य आपके मस्तिष्क पर छाप छोड़ देगा।
मुन्नार, केरल

केरल के सबसे लोकप्रिय पहाड़ी स्टेशनों में से एक मुन्नार है जो मानसून के मौसम के दौरान एक आदर्श स्थल माना जाता है। केरल, अपने आप में, एक बहुत ही सुंदर राज्य है। यह भारी वर्षा प्राप्त करता है, जिसे राज्य के चारों ओर हरे-भरे हरियाली से देखा जा सकता है। मानसून का मौसम यहां मई के महीने के दौरान शुरू होता है और नवंबर के अंत तक जारी रहता है। केरल में कोवलम बीच बारिश पाने के लिए देश के पहले स्थानों में से एक है और तूफान के रोल से पहले यात्रा करने के लिए भी एक महान जगह है। केरल के अन्य मानसून स्थलों में पल्लीवासल, एलेप्पी, पेरियार नेशनल पार्क और कुंडला शामिल हैं।
मुन्नार से 30 किलोमीटर दूर है लक्कोम वॉटरफॉल्स जो एराविकुलुम नेशनल पार्क से बिलकुल सटा हुआ है। एराविकुलुम नदी की धारा से बनता है यह जगह एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के बीच काफी मशहूर है। मानसून में यहां का मौसम रोमांटिक होता है। बारिश कुछ देर के लिए बंद हो और आसमान साफ हो जाए तो सबसे पहले जाएं मुन्नार से 3 किलोमीटर दूर स्थित फोटो पॉइंट जो मट्टूपेट्टी और टॉप स्टेशन जाने के रास्ते में पड़ता है। यहां से दिखने वाली चाय बागानों की हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर सकती है। वैसे आप यहां साल के किसी भी महीने घूमने के लिए आ सकते हैं। चूंकि यह ऊंचाई पर स्थित है इसलिए यहां वर्षभर मौसम खुशनुमा बना रहता है। लेकिन अगर आप यहां मानसून के दौरान यानी अगस्त से सितंबर के बीच आते हैं तो मुन्नार की पहाड़ियों पर 12 साल में एक बार खिलने वाले दुर्लभ नीलकुरिंजी फूलों का दीदार भी कर पाएंगे।
कोडाईकनाल, तमिलनाडु

कोडाईकनाल का शाब्दिक अर्थ है 'जंगलो का उपहार है। कोडाईकनाल घने हरे जंगलों से घिरा हुआ है, जो बरसात के मौसम के दौरान और भी सुंदर हो जाता है। आकर्षक झरने, सहज झील और एक चट्टानी इलाके, इसे देश में जाने के लिए बेहतरीन पहाड़ी स्टेशनों में से एक बनाता है। इसके अलावा, बारिश की अद्भुत सुगंध आपका मन मोह लेगी। तमिलनाडु में जाने के लिए अन्य लोकप्रिय स्थान हैं कूनूर, ऊटी और डोडादाबेटा। तमिलनाडु का यह एक छोटा पहाड़ी शहर आपकी छुट्टीयों को यादगार बना देगा। एर तरफ़ जहां बारिश के दौरान, कोकर के वॉक और ब्रायंट पार्क आपको बेहद ख़ूबसूरत मार्ग प्रदान करते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ डॉल्फिन नॉक, कुरुंजी अंवर मंदिर, पंभर फॉल्स, स्तंभ रॉक्स इत्यादि की सुंदरता भी बढ़ जाती हैं। बारिश के बाद झरने भी देखने के लायक होते हैं। यदि आप यहां छुट्टियां बिताते हैं तो आप वास्तव में बहुत ही भाग्यशाली व्यक्ति हैं।
लोनावला, महाराष्ट्र

जब हम भारी बारिश के बारे में बात करते हैं, तो कोई मुंबई को नहीं भूल सकता।, बॉलीवुड की भूमि से कुछ किलोमीटर दूर लोनावला बारिश के मौसम में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह है। इस मौसम में यहां की खूबसूरती और भी निखर कर सामने आती है। पानी से भरी सड़कों से बचने के लिए, कई लोग मुंबई के शोर शराबों से दूर लोनावाला की यात्रा करते हैं। यह छोटा शहर प्रकृति प्रेमियों के लिए एक पंसदीदा स्थान बन गया है।
मानसून के दौरान चारों ओर हरियाली छा जाती है और सभी सूखे झरने और तलाब पानी से भर जाते हैं। लोनावला का नाम एक झील के नाम पर रखा गया है। लोनावला में बारामीटर पहाड़ियां, भुसिर झील, आईएनएस शिवाजी, कुने पॉइंट, लोनावला झील, राई वन व शिवाजी पार्क, टाटा झील, टाइगर्स लैप, तुंगरली झील व बांध, बल्वन झील व बांध, भाजा गुफाएं, बेड़सा की गुफाएं आदि स्थल दर्शनीय है। खंडाला में अमृतांजन पॉइंट, ड्यूक नोस, राजमची दुर्ग, रिवर्सिग पॉइंट, रेवुड पार्क और भुशी बांध, योग संस्थान आदि दर्शनीय स्थल है। लोनावाला का आकर्षण है यहां स्थित बुद्धिस्ट रॉक, राजमाची। इसके अलावा यहां आप लोनावाल झील, टाइगर्स लीप, लॉयंस प्वाइंट, लोहागढ़ किला और टंगरी झील की सैर भी कर सकते हैं। लोनावाला में गर्मी हो या सर्दी सभी मौसम का आनंद लिया जा सकता है। प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना हो तो यहां बारिश में आकर इसका खास मजा लें। वैसे मई से लेकर अक्टूबर तक के महीने में यहां का मौसम लभगभ एक सा होता है और यह सबसे माकूल समय होता है जब सैलानियों का हुजुम इस ओर उमर पड़ता है।
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