
यदि आप अपनी व्यस्तता के चलते परिवार संग समय नहीं बिता पाते हैं, या अपने दैनिक कार्यों को कर-कर के थक चुके हैं और आपको आराम की जरुरत है तो आपके पास ऐसे कई अवसर हैं जिनका आप सदुपयोग कर के अपने अवकाशों को ऊबाउ बनाने की जगह रोचक बना सकते हैं। साल के बारहों महीने कई ऐसे अवसर, त्यौहार एवं मेले आते हैं जिनके रंग में रंग कर आप अपने जीवन को खुशनुमा बना सकते हैं। इन त्यौहारों के अवसर पर आप घर से बाहर निकल सकते हैं अपने अवकाशों में नए शहरों की सैर कर सकते हैं। प्रत्येक साल लगभग कई ऐसे त्यौहार आते हैं जब आपकों एक लंबी छुट्टी मिलती हैं। कई त्यौहार सप्ताह के अंत में पढ़ते हैं जिससे आपका सप्ताहांत और मनोरंजक हो सकता है। तो देर किस बात की अपने बैग में समान सहेजिए और निकल पड़िए पहाड़ों, समुद्रों एवं मैदानी इलाकों की एक सुरमयी सैर पर, जहां आपको नई संस्कृतियों, सभ्यताओं, रिति-रिवाजों और रस्मों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। साल के हर महीने में आपके पास कई ऐसे अवकाश होते हैं जिन्हें आप घर में सो कर बिताने में व्यर्थ नहीं करना चाहेगें। तो आइए जानते हैं साल के इन्हीं महत्वपूर्ण त्यौहारों और उत्सवों के बारे में जो आपके अवकाशों में खुशियों के रंग भर देंगे। इन अवकाशों का आनंद आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों एवं परिवारजनों के संग ले सकते हैं।
आपकी जनवरी की यात्रा का कार्यक्रम

साल के पहले महीने यानि जनवरी की शुरुआत ही मेलों एंव उत्सवों के साथ होती है। जनवरी में भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष रूप से हिमालय में बर्फ देखने का सबसे अच्छा समय होता है। जनवरी के महीने में ही लगातार तीन त्यौहार एक साथ होते हैं जिनकी शुरुआत लोहड़ी से होती है फिर मकर संक्रांति और पोंगल का त्यौहार पड़ता है। इन तीनों दिनों से अधिक की छुट्टी में आप पहाड़ी इलाकों की सैर आराम से कर सकते हैं। आप आसानी से मनाली, गुलमर्ग, शिमला या मशोबरा, औली या मुनसियारी जैसे कम ज्ञात गंतव्यों के लिए सर्दी में घूमने की योजना बना सकते हैं। आप इन इलाकों में बर्फबारी का मजा भी ले सकते हैं। यदि आप शीतकालीन व्यक्ति नहीं हैं आपको ठंडी जगहें पसंद नहीं है तो आप तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे दक्षिण भारतिय शहरों में जाकर इस मौसम में शानदार पोंगल उत्सवों को देखने का आनंद ले सकते हैं जो अपने आप में एक अनुपम दृश्य है।
यदि आपके शहर की जयपुर से अधिक निकटता है, तो आप विश्व के सबसे बड़े मुफ्त साहित्यिक उत्सव में जा सकते हैं। जनवरी के आखिरी सप्ताह में होने वाला जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल आपको दुनिया भर के कुछ महान लेखकों और विचारकों से मिलने और शहर को सबसे ज्यादा जानने का शुभअवसर प्रदान करेगा। यहां किताब और साहित्य प्रेमियों के लिए बहुत कुछ सिखने को मिलेगा। जनवरी के महीने में ही देश का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है जो एक सार्वजनिक अवकाश होता है। यदि यह सप्ताहांत में पड़े तो आपके अवकाशों का मज़ा दोगुना हो सकता है। आप देश के सबसे बड़े उत्सव में शामिल हो सकते हैं। दिल्ली के इंडिया गेट और अमृतसर के वाघा बार्डर पर आपकों झांकियों के रुप में देश की कला-संस्कृति और उपलब्धियों को जानने का मौंका मिलेगा। यह उन लोगों के लिए एक अच्छा अवसर होगा जो इस दिन के आसपास इन शहरों में घूमने की अपनी योजना बना रहे हैं।
आपकी फरवरी की यात्रा का कार्यक्रम

फरवरी गोवा जाने का एक आदर्श समय है। हालांकि यह एक लंबा सप्ताहांत नहीं होगा, फिर भी आप गोवा कार्निवल के भव्य उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं। यहां आपकों इस महीने गोवा की संस्कृति से रुबरु होने का अवसर प्राप्त होगा। यदि आप लोसार उत्सव में शामिल होने की योजना बना रहे हैं तो फरवरी के महीन में लद्दाख जाना सबसे उपयुक्त समय है। आप यहां पुराने समारोहं, तिब्बती संस्कृतियों, रिति-रिवाजों और मठों का आनंद ले सकते हैं शहर की भाग-दौड़ से मुक्त यहां आपकों शांति का एहसास होगा।
फरवरी का महीना भक्ति और त्यौहारों के रंग में रगां हुआ महीना होता है। एक तरफ जहां वंसत के आगमन से चारों और हरियाली होती है वहीं इस महीने में वसंत पंचमी यानि सरस्वती पूजा के समय राजस्थान की यात्रा करना आपको बहुत अच्छा लगेगा। राजस्थान जाने का यह समय बहुत अच्छा माना जाता है। आप इस महीने के अवकाशों में बहुत प्रसिद्ध राजस्थान संगीत महोत्सव में भाग ले सकते हैं जो फरवरी के पहले सप्ताह में शुरु होता है। फरवरी के महीन में आप एक से बढ़कर एक संगीत उत्सवों का आनंद ले सकते हैं। जिनमें उज्लो, मोरियो, बिरखा, मौरो, उधम, गैलीयारो इत्यादि का संगीत आपके अवकाशों को यादगार बना देगा।
आपकी मार्च की यात्रा का कार्यक्रम

मार्च का महीना शिव के रंग में रंगा हुआ महीना होता है। यदि आप छुट्टियों के साथ महाशिवरात्री मना रहे हैं तो शिव भक्त मुरुदेश्वर, बीजापुर, नमची, जबलपुर और ऋषिकेश जैसे स्थानों पर जा सकते हैं। अन्यथा, आप आस-पास के पहाड़ी स्टेशनों की छोटी यात्रा की भी योजना बना सकते हैं। जो लोग रंग पसंद करते हैं वे होली के अवसर पर बरसाना, उत्तर प्रदेश में जा सकते हैं जहां होली का उत्सव लगभग 1 महीने तक चलता है। यहां विभिन्न प्रकार की होलियां खेली जाती है। फूलो वाली होली, लठमार होली, रंगो की होली इत्यादि। मथुरा-वृंदावन के कुछ हिस्सों में होली फूलों के साथ खेली जाती है जबकि दूसरी तरफ इसे लाठी के साथ खेला जाता है। जो एक भक्तिमय और हर्षोल्लास का अनुभव प्रदान करती है।
यदि आप पासपोर्ट के साथ यात्रा करना चाहते हैं और विदेश जाने का अवसर प्राप्त करना चाहते हैं तो इस समय यात्री थाईलैंड के लिए उड़ान भर सकते हैं, यहां आप राजा या रानी की तरह जीवन व्यतीत कर सकते हैं। बेजोड़ नाइटलाइफ़ का आनंद ले सकते हैं और कई यादों के साथ वापस आ सकते हैं। मार्च के आखिरी सप्ताह के दौरान बैंकॉक, थाईलैंड की यात्रा आपको बैंकॉक इंटरनेशनल मोटर शो दौरा करने का मौका भी देगी। दरअसल, मार्च का महीना इस तरह के दिलचस्प त्यौहारों और मेले का हिस्सा बनने का आदर्श समय है जैसे बुन फावेट मेला, पेप हो स्मारक मेला, हाथी सातोक मेला और बैंग खला खाद्य और फल मेला इत्यादि।
आपकी अप्रैल की यात्रा का कार्यक्रम

अप्रैल का महीना फसलों के त्यौहारों का महीना होता है जहां आपको कई ऐसे अवसर प्राप्त होते हैं जब आप अपने अवकाशों में कहीं घूमने जा सकते हैं। अप्रैल माह में ही उगादी या गुडी पाड़वा हिन्दू नववर्ष और फसलों का त्यौहार है। जहां इन दिनों में आप विशेष बेवु बेला खाने के लिए आंध्र प्रदेश या महाराष्ट्र जा सकते हैं। महाराष्ट्र में गुड़ी पाड़वा और आन्ध्र प्रदेश में उगादी का जश्न आप देख सकते हैं। यदि आपको लबें अवकाश का इंतजार रहता हैं तो आपके पास बैसाखी, अंबेडकर जयंती एवं रामनवमी का अवसर है। यह त्यौहार लगभग एक साथ ही पड़ते हैं। जिसके कारण आपके पास यात्रा करने का एक लंबा अवसर मिलता है जिसके तहत आप विभिन्न जगहों की यात्रा कर सकते हैं।
इस समय आप तमिलनाडु, हिमाचल, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में जा सकते हैं जो अपना नया साल इसी महीने मनाते हैं। आप इन राज्यों पर सीधे जा सकते हैं अपने टिकट गोल्डन त्रिकोण टूर में भी बुक कर सकते हैं।
आपकी मई की यात्रा का कार्यक्रम

मई का महीना पारिवारिक रिश्तों में मजबूती लाने का महीना होता है। इस महीने में मातृ दिवस और मई दिवस के जरिए आपके परिवार को आश्चर्यचकित कर खुश करने का एक अच्छा समय है। हालांकि, अगर आप रविवार को पड़ने वाली छुट्टियों से खुश नहीं हैं, तो आपके पास बुद्ध पूर्णिमा है के रुप में भी छुट्टी का अवसर है जब आप घूमने की यात्रा पर निकल सकते हैं। बुद्ध पूर्णिमा को मनाने का सबसे अच्छा तरीका नालंदा विश्वविद्यालय है जो पटना के नजदीक है यहां सदियों पुराना मठ भी है जहां आप बुद्ध पूर्णिमा उत्सव में शामिल होकर बुद्ध से जुड़ सकते हैं आत्मिक शांति का अनुभव कर सकते हैं।
आपकी जून की यात्रा का कार्यक्रम

जून का महीना स्कूलों और कॉलेजों के लिए बहुत अधिक गर्मी की छुट्टी के साथ आता है। सोशल मीडिया के जरिए तो आए दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के चित्रों और लेखों, एवं पोस्टों पर लाइक शेयर करते रहते हैं लेकिन क्यों ना गर्मी की छुट्टियों का सही फायदा उठाया जाए। इन लोगों से मिला जाए। क्यों नहीं टिकट बुक करें और पुलिकेट, वेल्लोर, येलागिरी और तिरुपति जैसे स्थानों पर एक लंबे सप्ताहांत की योजना बनाए। आप इन दिनों में दक्षिण भारत के यरकौड और नंदी हिल्स की यात्रा भी कर सकते हैं।
आपकी जुलाई की यात्रा का कार्यक्रम

जुलाई का महीना आपको इतिहास को जानने और समझने का विशेष महीना है । जुलाई के महीने में उड़ीसा, बिहार और मध्य प्रदेश के राज्यों में एक-एक करके जाना सबसे अच्छा है। जुलाई माह में उड़ीसा में रथ महोत्सव की धूम रहती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। जिसके माध्यम से आप रथ महोत्सव में शामिल होकर इसका जश्न मना सकते हैं यही नहीं सांस्कृतिक सिद्धांतकारों के लिए कला और इतिहास की स्मृति में डूबने का एक बड़ा अवसर है। आप इस महीने के दूसरे रविवार को रथ यात्रा के उत्सवों में भाग ले सकते हैं।
यदि बिहार में आप जुलाई माह में जाएं तो ईद-उल-फ़ितर के अवसर पर सुंदर बेगु हजम के मस्जिद पर जा सकते हैं। वहीं मध्य प्रदेश में आप मॉनसून की बारिश में भीग कर गांव का आनंद ले सकते हैं। यहां आप ओरछा शहर जाने से ना चूकें, जहां सातवीं नदी धाराओं में से एक अभिसरण हैं। आगंतुकों के लिए यह एक आदर्श दृश्य है।
आपकी अगस्त की यात्रा का कार्यक्रम

मॉनसून की ठंडक और धरती की भीनी-भीनी खूशबू लिए अगस्त के महीने की शुरुआत होती है। इस महीने में आपको कई ऐसे अवसर यानि साप्ताहांक मिलेंगे जिसमें आप अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। यह महीना प्रकृति से जुड़ने का सबसे अच्छा महीना माना जाता है। अगस्त में, मानसून को मनाते हुए लंबी छुट्टी की योजना मनाएं क्योंकि इसी माह में स्वतंत्रता दिवस, थैंक्सगिविंग, पारसी नव वर्ष और रक्षा बंधन का त्यौहार मानाया जाता है जिसमें विशेष रुप से आपकों अपने कार्यों पर से अवकाश मिलता है। इन छुट्टियों में आप राफ्टिंग, पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग जैसे रोमांचक खेलों में अपने हाथ आज़मा सकते हैं। जो ना केवल आपको एक सुखद एहसास देगें बल्कि आपकी चिंताओं और तनावों को भी दूर करने में मदद करेंगे।
इस मौसम के दौरान महाराष्ट्र में पंचगनी के दृश्य देखना अनुपम एहसास होता है। जिसे स्ट्रॉबेरी गोदाम के रूप में भी जाना जाता है, पंचगनी एक पूर्ण प्रसन्नता और थके हुए दिमाग को ताजा करने की एक अद्भुत राहत प्रणाली है।
आपकी सितंबर की यात्रा का कार्यक्रम

सितंबर के महीने में समुद्र तटों पर जाना आपकों एक अद्भुद दृश्य से परिचित कराएगा। सितंबर का महीना विशेष रुप से गणेश चतुर्थी के लिए जाना जाता है जहां आप छुट्टियों में गणेश चतुर्थी की धूम देखने के लिए महाराष्ट्र खासकर मुंबई की यात्रा कर सकते हैं। तीन दिन के इस त्यौहार में आप फिर से जीवित हो उठेंगे।
आपकी अक्टूबर की यात्रा का कार्यक्रम

अक्टूबर का महीना ना गर्मी का महीना होता है ना बारिश और सर्दी का। आपके घूमने के लिए यह महीना सबसे बढ़िया है। इस महीने में आपकों कई ऐसे त्यौहारों के अवकाश मिलेगें जिनमें आप लंबी छुट्टी की योजना बना सकते हैं। गांधी जयंती से शुरु होने वाले इस महीने में नवरात्री, दशहरा दीपावली, गोवर्धन पूजा जैसे कई त्यौहार एक साथ आते हैं। दशहरे दौरान वाराणसी जाना इस समय सबसे उत्तम रहता है। नाव के माध्यम से वहां के घाटों की सैर करना किफायती विकल्प है। आप सीढियों पर चलकर भी घाटों की सुंदरता देख सकते हैं यहां तक की जीवन और मरण के चक्र को भी यहां समझ सकते हैं। शाम की प्रार्थनाओं में घाटों पर दीए जलाए जाते हैं जिसकी रोशनी से चारों और उजाला होता हैष वारणसी में गंगा आरती बहुत महत्वपूर्ण है जो आपको एक भक्तिमय माहौल के दर्शन कराएगी।
यही नहीं अक्टूबर के महीने में दीपावली की लंबी छुट्टियां मिलती हैं। जिसमें आप देश-विदेश की सैर कर सकते हैं। इसके गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे उत्सवों की पंरपरा का आप अनुभव कर सकते हैं। नव विवाहित जोड़ों के लिए विदेशी यात्रा इस समय बहुत अच्छी होती है। आप फ्रांसीसी पॉलिनेशिया स्नॉर्कलिंग, लागोन, समुद्र तटों, वर्षा वनों और समुद्री कछुए का आनंद लेने का यह एक अच्छा समय है। आप ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ के लिए भी जा सकते हैं।
आपकी नवंबर की यात्रा का कार्यक्रम

नवंबर में चूंकि सर्दियां उत्तरी भारत में दस्तक दे चुकीं होती हैं इस समय पहाड़ियों में जाना खासकर हिमाचल और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों को बर्फ के कंबल में घिरे हुए माहोल में देखना एक अनुपम दृश्य हैं। जो दुनिया भर के यात्रियों के लिए एक सुंदर पलायन है। हालांकि, अगर आप सर्दियों में सूर्य तलाशने वालों में से एक हैं, तो पुष्कर ऊंट मेले में भाग लेने के लिए राजस्थान में अपने टिकट बुक करा सकते हैं।
आपकी दिसंबर की यात्रा का कार्यक्रम

साल के अंत में यानि दिसंबर माह में आपको कहीं ना कहीं की यात्रा पर आवश्य जाना चाहिए। यदि आप क्रिसमस और नव वर्ष की पूर्व संध्या को क्या करना चाहते हैं, यह नहीं सोच पाएं है तो तो आपके सनबर्न फेस्टिवल के लिए यह सही समय है जहां आप इस जश्न में शामिल हो सकते हैं।
गैर-शौर-शराबा पंसद प्रशंसकों के लिए, कच्छ का रण उत्सव बहुत सुंदर जगह है जहां आप देश की संस्कृति से जुड़ पाएगें। उत्तर पूर्व में, हॉर्नबिल महोत्सव लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन के साथ नए साल को उजागर करता है। तो आप किसका इंतज़ार कर रहे हैं? वर्ष और अपने लंबे सप्ताहांत के चार्ट तैयार करें और एक लंबी, सुंदर यात्रा के लिए अपने बैग पैक करें। आपकी यात्रा मंगलमय हो।


